आत्मविश्वास
आत्मविश्वास जिसका अर्थ है स्वयं पर विश्वास। यदि किसी व्यक्ति को स्वयं पर विश्वास है तो या तो वह सफल है या वह सफलता की राह पर है और इसी विश्वास के साथ वह निश्चित ही सफल होगा लेकिन आत्मविश्वास कैसे उत्पन्न होता है। क्या इसके लिए किसी प्रशिक्षण की आवश्यकता है, जबाब है नहीं। आत्मविश्वास एक ऐसा आत्मिक भाव है जो सकारात्मक विचारों से आता है। सकारात्मक विचारों से हमारे चारों तरफ सकारात्मकता उत्पन्न होने लगती है और हमें सब कुछ संभव लगने लगता है तथा इसी सकारात्मकता के कारण हमारी रूचि प्रत्येक कार्य में बढने लगती है। वास्तव में आत्मविश्वास एक व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा का संचार ही है।
लेकिन आधुनिक प्रतिस्पर्धात्मक युग में एकबार मिली असफलता आज के युवाओं में निराशा का कारण बन जाती है और इसी निराशा के कारण उनके मस्तिष्क में नकारात्मकता का संचार होने लगता है तथा उन्हें हर कार्य असंभव लगने लगता है। यदि कोई व्यक्ति आज सफल है तो इसका अर्थ यह नहीं है कि वह एक ही प्रयत्न में सफल हो गया है बल्कि वह इसलिए सफल है कि कईं स्थानों पर अस्वीकार्यता के बाद भी उसने आत्मविश्वास नहीं खोया और खुद पर विश्वास के कारण ही उसे अपना गंतव्य मिला।
किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व केा निखारने का सर्वश्रेष्ठ जरिया है - आत्मविश्वास। आत्मविश्वास बढने पर व्यक्ति की कार्यकुश्लता और वार्तालाप करने के ढंग में परिवर्तन आता है। यदि किसी व्यक्ति केा खुद पर ही विश्वास नहीं है तो कोई अन्य उस पर विश्वास क्यों करेगा। यदि हम आत्मविश्वास के साथ अपनी बात या कोई राय किसी के समक्ष प्रस्तुत करते हैं तो निश्चित ही हमारी बात का प्रभाव सुनने वाले पक्षकार पर पड़ता है। किसी नौैकरी या स्थान पर अस्वीकृत किया जाना हमारे जीवन का अहम हिस्सा है जो हमें अनुभव देता है और नए अवसरों से अवगत करवाता है। यदि एक बार असफल हुए तो इसका अर्थ यह नहीं है कि हम सफल हो ही नहीं सकते। यदि स्वयं पर विश्वास है तो असफलता भी एक प्रेरणा स्रोत के समान कार्य करती है।
- यामिनी रंगा
Mst line हे
ReplyDeleteVery inspiring
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