आत्मविश्वास
आत्मविश्वास जिसका अर्थ है स्वयं पर विश्वास। यदि किसी व्यक्ति को स्वयं पर विश्वास है तो या तो वह सफल है या वह सफलता की राह पर है और इसी विश्वास के साथ वह निश्चित ही सफल होगा लेकिन आत्मविश्वास कैसे उत्पन्न होता है। क्या इसके लिए किसी प्रशिक्षण की आवश्यकता है, जबाब है नहीं। आत्मविश्वास एक ऐसा आत्मिक भाव है जो सकारात्मक विचारों से आता है। सकारात्मक विचारों से हमारे चारों तरफ सकारात्मकता उत्पन्न होने लगती है और हमें सब कुछ संभव लगने लगता है तथा इसी सकारात्मकता के कारण हमारी रूचि प्रत्येक कार्य में बढने लगती है। वास्तव में आत्मविश्वास एक व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा का संचार ही है। लेकिन आधुनिक प्रतिस्पर्धात्मक युग में एकबार मिली असफलता आज के युवाओं में निराशा का कारण बन जाती है और इसी निराशा के कारण उनके मस्तिष्क में नकारात्मकता का संचार होने लगता है तथा उन्हें हर कार्य असंभव लगने लगता है। यदि कोई व्यक्ति आज सफल है तो इसका अर्थ यह नहीं है कि वह एक ही प्रयत्न में सफल हो गया है बल्कि वह इसलिए सफल है कि कईं स्थानों पर अस्वीकार्यता के बाद भी उसने आत्मविश्वास नहीं खोया और खुद पर विश्वास ...